उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रिटायर्ड) ने सोमवार देहरादून स्थित एक होटल में भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘भारत गौरव पुरस्कार’ समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 22 प्रतिभाओं को सम्मानित किया.
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान समाज में बेहतर और उत्कृष्ट कार्य करने की संस्कृति को मजबूत करता है. उन्होंने वर्ष 2017 से देश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को पहचान और सम्मान देने के लिए भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की.
राज्यपाल ने कहा कि, किसी व्यक्ति की उपलब्धि केवल उसकी व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं होती. जब किसी की प्रतिभा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाती है और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देती है, तो वह उपलब्धि पूरे देश की उपलब्धि बन जाती है. उन्होंने कहा कि आज देश के युवा विज्ञान, तकनीक, अनुसंधान, खेल, स्टार्टअप, उद्योग, कला और सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रहे हैं. महिलाओं और बेटियों की बढ़ती भागीदारी भी सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर प्रस्तुत कर रही है.
यह सम्मान उनकी उपलब्धियों की स्वीकृति के साथ-साथ भविष्य में और बेहतर कार्य करने की जिम्मेदारी भी है. सफलता के पीछे अनुशासन, निरंतर परिश्रम, सीखने की ललक और चुनौतियों के बीच लक्ष्य पर टिके रहने का संकल्प महत्वपूर्ण होता है.
राज्यपाल ने कहा कि, विकसित भारत का निर्माण केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली, जिम्मेदार और चरित्रवान नागरिकों से होगा. देश की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता और उपलब्धियों को समाज एवं राष्ट्र की प्रगति से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना होगा.
भारत गौरव अवार्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष आंध्र प्रदेश के पूर्व डीजी (डायरेक्टर जनरल) अंजनी कुमार ने सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को शुभकामनाएं दी.
