देहरादून। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और उनके करीबी बताए जा रहे जसवीर कौर आनंद उर्फ सोनिया आनंद रावत से जुड़े कथित संपत्ति विवाद को लेकर कांग्रेस और उसके नेताओं की नैतिकता पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दूसरों को नैतिकता, जनसेवा और जवाबदेही का पाठ पढ़ाने वालों को पहले अपने करीबी लोगों से जुड़े गंभीर आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
हनी पाठक ने कहा कि वर्ष 2021 में हुए संपत्ति सौदे को लेकर शिकायतकर्ता हरिओम सहगल ने करीब 43.2 लाख रुपये के कथित बकाये और भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होने के आरोप लगाए हैं। इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि शिकायतकर्ता दिव्यांग हैं और उनके दोनों हाथ नहीं हैं। ऐसे व्यक्ति के साथ यदि आर्थिक लेन-देन में अन्याय हुआ है, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संपत्ति का सौदा हुआ था, तो शिकायतकर्ता द्वारा बताए जा रहे कथित बकाये का भुगतान अब तक क्यों नहीं हुआ? क्या राजनीतिक रसूख और करीबी संबंधों के चलते किसी की आर्थिक जिम्मेदारी से बचा जा सकता है? क्या एक दिव्यांग व्यक्ति को अपने अधिकारों और मेहनत की कमाई के लिए भी दर-दर भटकना पड़ेगा?
हनी पाठक ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक होगा यदि किसी दिव्यांग व्यक्ति को अपने आर्थिक अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़े और उसकी शिकायत का समाधान न हो। उन्होंने हरक सिंह रावत से मांग की कि वे इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करें और शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर तथ्यात्मक जवाब दें।
उन्होंने कहा कि दूसरों को नैतिकता का उपदेश देने से पहले अपने करीबी लोगों से जुड़े मामलों पर जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। यदि शिकायतकर्ता के आरोप गलत हैं, तो संबंधित पक्ष को दस्तावेजों और तथ्यों के साथ उनका खंडन करना चाहिए। वहीं, यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो शिकायतकर्ता को न्याय दिलाने और कथित बकाये के निपटारे के लिए कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
हनी पाठक ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति राजनीतिक प्रभाव या सामाजिक पहुंच के आधार पर जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकता। किसी दिव्यांग व्यक्ति के आर्थिक हितों की रक्षा करना और उसकी शिकायत का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना न्याय व्यवस्था तथा समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, संपत्ति सौदे से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान के रिकॉर्ड की पड़ताल हो तथा शिकायतकर्ता को कानून के अनुसार न्याय मिले।
हनी पाठक ने कहा कि जनता के बीच उठ रहे गंभीर सवालों का जवाब चुप्पी से नहीं, बल्कि तथ्यों, दस्तावेजों और स्पष्ट पक्ष के माध्यम से दिया जाना चाहिए।
नोट: समाचार में उल्लिखित वित्तीय अनियमितताओं और अन्य आरोपों को शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उनकी स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब प्राप्त होना शेष है।
