बारिश के मौसम में गाड़ी चलाना सुहाना लगता है. हल्की बूंदाबांदी और ठंडी हवाएं सुकून देती हैं. लेकिन अगर आप लापरवाह भी हैं, तो दुर्घटनाएं होना तय है. इसलिए गाड़ी चलाते समय हमेशा सतर्क रहना चाहिए. क्या आप जानते हैं? कई आंकड़े बताते हैं कि हमारे देश में 75 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं प्रतिकूल मौसम में होती हैं. इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि 47 प्रतिशत दुर्घटनाएं बारिश के मौसम में होती हैं. बारिश के मौसम में दुर्घटनाएं ज्यादा क्यों होती हैं? आइए इस खबर में जानते हैं, साथ ही जानते हैं कि बारिश के दौरान गाड़ी चलाते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए.
बरसात के मौसम में दुर्घटनाएं अक्सर कम दृश्यता, फिसलन भरी सड़कों और जलभराव के कारण होती हैं. बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे टायरों और सड़क के बीच की पकड़ कम हो जाती है और वाहन फिसल जाते हैं. इसके अलावा, बारिश में दृश्यता कम हो जाती है, जिससे चालकों के लिए दूसरों को देखना और प्रतिक्रिया देना मुश्किल हो जाता है. जिससे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं.
- एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कार चलाने से पहले यह देखना जरूरी है कि सब कुछ ठीक से काम कर रहा है या नहीं. बारिश में गाड़ी चलाते समय कुछ एक्स्ट्रा सावधानियां बरतनी चाहिए, खासकर विंडशील्ड वाइपर जरूर चेक करें और अगर ब्लेड खराब हो गए हैं, तो उन्हें बदलवा लें. साथ ही, जांच करें कि क्या नोजल काम कर रहे हैं? कनेक्शन कैसे हैं? टैंक में पर्याप्त पेट्रोल-डीजल है या नहीं? ये सब एक बार जरूर चेक कर लें, ध्यान रखें कि कार की कंडीशन और बाकी चीजों की जांच करने के बाद ही आपको कार चलानी चाहिए.
- इसी तरह, कार की हेडलाइट्स, टेललाइट्स, ब्रेक लाइट्स, टर्न इंडिकेटर्स और इमरजेंसी पार्किंग लाइट्स को चालू करके जरूर देख लें, साथ ही बैटरी और ब्रेक की स्थिति की भी जांच जरूर कर लें
- विशेषज्ञों का कहना है कि कार चलाने से पहले अपने टायरों की मजबूती और हवा के दबाव की जांच अवश्य कर लें, क्योंकि हवा का दबाव बहुत अधिक या बहुत कम होने पर दुर्घटना होने का खतरा रहता है.
