बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर मगध प्रमंडल में सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है. एनडीए और महागठबंधन की ओर से बैठकों और प्रचार का दौर शुरू हो गया है. एनडीए का मजबूत गढ़ होने के बावजूद 2020 चुनाव में सत्ता पक्ष को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. जनता दल यूनाइटेड का तो खाता भी नहीं खुला. ऐसे में इस बार बेहतर प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जेडीयू नेता लगातार एक्टिव दिख रहे हैं.
जेडीयू नेताओं का दावा है कि इस बार मगध में हम बेहतर प्रदर्शन करेंगे. गया के पूर्व जिला अध्यक्ष अधिवक्ता शौकत अली खान कहते हैं कि 2020 विधानसभा चुनाव की परिस्थिति अलग थी. हमारी बूथ स्तर पर तैयारी नहीं थी, जिस वजह से कार्यकर्ता वोटर टर्नअप नहीं करा सके थे. कुछ सीटों पर कम अंतर से ही हार हुई थी लेकिन इस बार बूथ स्तर पर तैयारी की जा रही है. मगध प्रमंडल में जेडीयू और एनडीए का प्रदर्शन बहुत अच्छा होगा.
गया जिले में 10 विधानसभा सीट है. इसमें 2020 के विधानसभा चुनाव में दोनों गठबंधन एनडीए और महागठबंधन बराबरी पर थे. 5 सीटें एनडीए और 5 सीटों पर महागठबंधन ने जीत दर्ज की थी. जिसमें बीजेपी को दो सीट (गया नगर और वजीरगंज) पर जीत मिली थी, जबकि हम पार्टी ने तीन सीटों (इमामगंज, बाराचट्टी और टेकारी) पर जीत हासिल की थी.
उधर, महागठबंधन में जेडीयू की तरह ही कांग्रेस की भी हालत है. कांग्रेस 2020 के चुनाव में गया जिले में एक भी सीट जीत नहीं सकी थी. गया नगर, वजीरगंज और टेकारी से लड़ी लेकिन तीनों सीटों पर हार हुई थी, जबकि महागठबंधन की सब से बड़ी पार्टी आरजेडी ने गया में 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी.
