दिल्ली हाईकोर्ट को आज छह नए जज मिले. इन छह जजों को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने शपथ दिलाई. बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 15 जुलाई को इन जजों की नियुक्ति का आदेश दिया था. इन छह जजों की नियुक्ति के साथ ही अब दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या 40 हो जाएगी. बता दें कि अभी 20 न्यायाधीशों की और जरूरत है. स्वीकृत संख्या 60 है.
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उच्च न्यायालय परिसर में आयोजित एक समारोह में इन छह नए न्यायाधीशों को पद की शपथ दिलाई. ये छह न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव, नितिन वासुदेव साम्ब्रे, विवेक चौधरी, अनिल क्षेत्रपाल, अरुण कुमार मोंगा और ओम प्रकाश शुक्ला हैं.इनके शपथ ग्रहण के साथ ही उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 40 हो गई है. उच्च न्यायालय में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 60 है.
न्यायमूर्ति चौधरी ने हिंदी में शपथ ली, जबकि अन्य पाँच न्यायाधीशों ने अंग्रेजी में शपथ ली.न्यायमूर्ति साम्ब्रे इससे पहले बॉम्बे उच्च न्यायालय में कार्यरत थे, जबकि न्यायमूर्ति चौधरी और न्यायमूर्ति शुक्ला इलाहाबाद उच्च न्यायालय में थे.
न्यायमूर्ति क्षेत्रपाल पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में और न्यायमूर्ति मोंगा राजस्थान उच्च न्यायालय में कार्यरत थे. न्यायमूर्ति राव को कर्नाटक उच्च न्यायालय से दिल्ली वापस भेज दिया गया है.
दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति विभु बाखरू को 16 जुलाई को कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने पर विदाई दी गई. इस फेरबदल के परिणामस्वरूप उच्च न्यायालय के तीन सदस्यीय कॉलेजियम का पुनर्गठन भी हुआ है.
अब तक उच्च न्यायालय कॉलेजियम में मुख्य न्यायाधीश उपाध्याय, न्यायमूर्ति बाखरू और न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह शामिल थे. हालांकि, शपथ ग्रहण समारोह के बाद, कॉलेजियम में अब मुख्य न्यायाधीश उपाध्याय और न्यायमूर्ति राव तथा न्यायमूर्ति साम्ब्रे शामिल होंगे क्योंकि वे न्यायमूर्ति सिंह से वरिष्ठ हैं.
केंद्र सरकार ने 14 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर इन छह न्यायाधीशों को उनके संबंधित उच्च न्यायालयों से दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की अधिसूचना जारी की थी.
